देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत और कारपोरेट ट्रेन तेजस में चोरी-छिनैती की घटनाएं शून्य

कानपुर से होकर गुजरने वाली देश की पहली स्वदेशी सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन-18) और पहली कारपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस में अब तक चोरी-छिनैती की घटनाएं शून्य हैं। इन दोनों ट्रेनों में ऐसी घटनाएं न होने की सबसे बड़ी वजह यह है कि बिना स्टॉपेज के ट्रेन के किसी भी स्टेशन पर खड़े हो जाने पर न तो अंदर के यात्री बाहर निकल सकते हैं और न ही बाहर के लोग अंदर घुस सकते हैं।


इन ट्रेनों में स्वचलित डोर क्लोजर मेकैनिज्म होने से बिना कोच अटेंडेंट की मर्जी के गेट नहीं खुलते हैं। ड्राइवर के पास लगे बटन और दूसरे अधिकृत स्टाफ ही थंब इंप्रेशन से गेट खोल सकते हैं।
वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन एक साल से अधिक समय से हो रहा है। तेजस एक्सप्रेस को चले छह महीने हो चुके हैं। इनमें किसी भी यात्री का सामान चोरी होने, ट्रेन के रुकने पर किसी यात्री का सामान लेकर कूदने और जहरखुरानी के मामले भी नहीं मिले हैं।

कोच के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरों से सुरक्षा बढ़ी है। इन दोनों ट्रेनों में सुरक्षा के बेहतर नतीजे सामने आने के बाद राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस में भी स्वचलित डोर क्लोजर मेकैनिज्म विकसित करने की योजना बन रही है। ऐसे तीन सौ कोचों में यह तकनीकी विकसित होगी। इसके लिए हर कोच में 20 लाख के बजट का प्रावधान है। इस तकनीकी से ट्रेन चलने के पहले गेट बंद हो जाते हैं और रुकने पर जिस स्टेशन पर स्टॉपेज होगा, वहीं खुलेंगे।



स्वचलित डोर क्लोजर मेकैनिज्म तकनीकी से इन ट्रेनों में चोरी-छिनैती जैसी घटनाएं नहीं हुईं। यात्री भी सुकून से बिना भय के यात्रा कर रहा है। ट्रेन से गिरने-कूदने की घटनाएं भी इन दोनों ट्रेनों में नहीं हो रही हैं।
आरएन पांडेय, सहायक सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ